March 11, 2016

Talk on Shrimad Bhagwad Geeta

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आज के वैज्ञानिक युग में जहाँ आर्थिक विकास प्राथमिक लक्ष्य हैऔर पहली बार इस देश में कुछ प्रभुत्व लोगों के द्वारा यह संभावना देखी जाने लगी है कि षायद गरीबी उन्मूलन निकट भविष्य में औद्योगिक क्रांति, नवीनतम वैज्ञानिक खोजों और एक जुट होते संसार के फलस्वरूप हकीकत हो सके। द लास्ट सेंटर विकास को एक समग्रता की दृष्टि से देखते हुए अखंडरूप से इसे तृप्ति, शांति और संतोष का हिस्सा स्वीकार करता है।

आज का युग कर्म योग का युग है। अर्जुन के द्वारा भगवान श्री कृष्ण से युद्ध भूमि के मध्यस्थ कर्म योग के गहनतम सूत्रों की खोज के लिए पूछे गये प्रश्नों से प्राप्त किए गये उत्तरों के मध्यस्थ खड़ा हुआ विरोधाभास – क्या आध्यात्मिक गहनता, पारिवारिक प्रेम, आर्थिक विकास, सामाजिक सामंजस्य और विश्व शांति जीवन में एक साथ घट सकती हैं?

इसी विरोधाभास को सुलझाते सूत्रों की खोज के प्रयत्न हेतू आपके सक्षम प्रस्तुत है श्री प्रभात अग्रवाल के द्वारा श्रीमद्भगवद्गीता का एक व्याख्यान.